सैयदना, सुचित्रा, सुनंदा और शुक्रवार

[dc]व[/dc]र्ष 2014 की जनवरी के तीसरे शुक्रवार को तीन हस्तियां सुबह से रात के बीच दुनिया से बिदा हो गईं। तीन में से दो तो वास्तव में भी हस्तियां थीं और उनके साथ उनकी उम्र भी जुड़ी हुई थी। उनकी शोहरत की तो कोई मिसाल ही नहीं है। पर तीसरी को मीडिया ने इतनी बड़ी […]

होश-ओ-हवास में नशे की वकालत?

[dc]मु[/dc]ख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के बाद देसी-विदेशी शराब लिंक योजना की सौगात जनता को देना चाहती है। ऐसा लगता है कि विधानसभा चुनावों में एक सौ पैंसठ सीटों का आंकड़ा सरकार के लिए नशे का काम करने लगा है। गुजरात में सफलतापूर्वक पूर्ण […]

प्रधानमंत्री का पार्टी के नाम संदेश!

[dc]क्या[/dc] डॉ. मनमोहन सिंह का इरादा देश की जनता को यह बताने का था कि प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए वे अपनी ओर से ही इनकार कर रहे हैं, पार्टी तो उन्हें फिर से मैदान में उतारना चाहती थी? अगर ऐसा नहीं था तो वे अपनी पत्रकार वार्ता के जरिए और क्या संदेश देना […]

केजरीवाल का जनमत-संग्रह, राहुल की 'बरामदगी'

[dc]रा[/dc]हुल गांधी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने की तैयारी शुरू कर दी है। अण्णा हजारे के समर्थन से डिब्बा-बंद सरकारी लोकपाल बिल को राज्यसभा से पारित करवा लिया गया है। आज लोकसभा में भी पारित करवा लेंगे। अण्णा की जान को कुछ हो जाता तो कांग्रेस की बची-खुची सरकार का […]

अण्णा हजारे या फिर अण्णा हारे?

[dc]जू[/dc]न 1975 में जब कांग्रेस पार्टी ने श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश को आपातकाल भेंट किया था, तब गांधीजी के प्रथम सत्याग्रही और सर्वोदय आंदोलन के प्रणेता विनोबा भावे ने उसे ‘अनुशासन पर्व’ निरूपित करते हुए उसका स्वागत किया था। अब अड़तीस साल बाद अपने आपको गांधीजी का अनुयायी बताने वाले अण्णा हजारे […]

दिल्ली में अब आप-आप का खेल

[dc]अ[/dc]रविंद केजरीवाल दिल्ली के आम आदमी से एक और चुनाव में भागीदारी चाहते हैं। इसका कारण यह है कि उनकी ‘आम आदमी पार्टी’ को सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत 4 दिसंबर को हुए मतदान में नहीं मिला है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और ‘आम आदमी पार्टी’ के बाकी नेताओं का शायद मानना है […]

'आम आदमी' का 'हाथ' कांग्रेस के खिलाफ

[dc]प्रा[/dc]प्त चुनाव परिणामों को चारों राज्यों की जनता का कांग्रेस के भ्रष्टाचार और उसका अतिरंजित अहंकार के साथ बचाव करने के प्रति व्यक्त हुआ आक्रोश माना जाना चाहिए। यह संकेत है कि लोकसभा के लिए अगले साल होने वाले चुनावों में राज्यों के बाद केंद्र से भी कांग्रेस का सफाया होने वाला है। प्राप्त नतीजे […]

'ज्यादती' अब होशो-हवास में?

[dc]त[/dc]रुण तेजपाल जब इंडिगो की उड़ान से नई दिल्ली के हवाई अड्डे से गोवा के लिए रवाना हुए तो अहंकार से भरे उनके चेहरे पर ऐसी कोई शर्म नहीं थी, जो यह दर्शा सके कि वे ‘बलात्कार’ के कुकर्म के साथ तुलना किए जा सकने वाले किसी ‘यौन हमले’ के अपराधी हैं। तरुण अपनी ‘बॉडी […]

बेटियों के भरोसे को 'न्याय' का सवाल

[dc]वे[/dc] तमाम लोग जो आरुषि हत्या प्रकरण में तलवार दंपति के लिए मौत की सजा की मांग कर रहे थे, उन्हें विशेष अदालत के फैसले से निश्चित ही निराशा हुई होगी कि राजेश और नूपुर को केवल उम्रकैद ही मिली। पर आरुषि की हत्या के पीछे के ‘सत्य’ को अंतिम रूप से उजागर होने देने […]

'आप' के मुकाबले 'मीडिया' और 'सरकार'

[dc]“आ[/dc]म आदमी पार्टी” के खिलाफ एक स्टिंग ऑपरेशन शायद जरूरी भी हो गया था। दो कारणों से : पहला तो यह कि शुचिता और पारदर्शिता की राजनीति करने का आम आदमी से वायदा करके दिल्ली विधानसभा के चुनावों में वोट मांगने वाली पार्टी को इस बात का पता चलना चाहिए था कि ‘ईमानदारी’ का बड़े […]