अब नटवर की 'अंतरात्मा ' की आवाज

[dc]कुंअर[/dc] नटवर सिंह की बहुचर्चित, बहुप्रतीक्षित और बहुत विवादित बनने वाली अंग्रेजी किताब ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ : एन ऑटोबायोग्राफी’ को हिंदी में समझने के लिए ‘ऐसी कांग्रेस फिर ना मिलेगी दोबारा : कहानी गांधी परिवार की’ कहा जा सकता है। वह इसलिए कि नटवर सिंह ने अपनी उम्र के तिरासी वर्ष पूरे कर […]

'कांग्रेसमुक्त भारत' या 'भारतमुक्त कांग्रेस'

[dc]वर्ष[/dc] 1984 के चुनावों में भाजपा को मात्र दो सीटें मिली थीं, पर इसके बावजूद पार्टी में कोई विद्रोह नहीं हुआ। पार्टी नेतृत्व को हार के लिए सार्वजनिक रूप से नहीं कोसा गया। न ही लोगों ने पार्टी छोड़कर कोई तूफान मचाया। कांग्रेस को 2014 के चुनावों में 44 सीटें प्राप्त हुई हैं पर पार्टी […]

वैदिक प्रकरण : सरकार दिखाए साहस

[dc]डॉ.[/dc] वेदप्रताप वैदिक को ‘देशद्रोही’ करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी करने की मांग सरकार से की जा रही है। जनता को ‘शिक्षित’ किया जा रहा है कि डॉ. वैदिक ने लाहौर में भारत देश के खिलाफ वैसा ही अपराध किया है, जैसा कि अजमल कसाब ने मुंबई में किया था। सवाल किए जा रहे हैं […]

अर्जेंटीनी 'स्वप्न' और जर्मन 'यथार्थ!'

[dc]अ[/dc]पनी उपलब्धियों को हर्ष के अतिरेक और विफलताओं को आंसुओं के समंदर में तब्दील कर देने के मामले में भारत और ब्राजील-अर्जेंटीना की आत्माओं के बीच अद्भुत समानताओं का बखान किया जा सकता है। जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच विश्व कप फुटबॉल का फाइनल मुकाबला शुरू होने के पहले विदेशी विशेषज्ञों की टिप्पणियों के बीच […]

'विपक्ष' के 'सरकार' बन जाने तक प्रतीक्षा कीजिए!

[dc]भा[/dc]रतीय राजनीति के पिछले डेढ़ दशक का लेखा-जोखा अगर खंगालें तो अरुण जेटली ने अटलजी की सरकार के मंत्री के रूप में वर्ष 1999 से 2004 के बीच कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इनमें सूचना एवं प्रसारण, विनिवेश, कानून, न्याय और कंपनी मामले, उद्योग एवं वाणिज्य, जहाजरानी आदि मंत्रालय शामिल हैं। पर वित्त से अरुण […]

जमीनी उम्मीदों के पहले सपनीला सफर?

[dc]मो[/dc]दी सरकार के ‘स्वप्निल’ रेल बजट पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए कुछ समय प्रतीक्षा करनी चाहिए। रेल मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा द्वारा पेश किया गया बजट इस मायने में ‘स्वप्निल’ है कि उसमें सरकार ‘रील लाइफ’ को ‘रीयल लाइफ’ में बदलने का साहस दिखाना चाहती है। निश्चित ही ऐसा सपना […]

'क्योंकि' कांग्रेस चुनाव हार गई है!

[dc]कां[/dc]ग्रेस पार्टी अपने लिए तो इन सामंतवादी संस्कारों से मुक्ति नहीं पाना चाहती है कि शासन तो कोई ‘कम पढ़ा’ भी चला सकता है और कि उत्तराधिकारी की ‘अयोग्यता’ पर उसके स्थापित चापलूस भी अंगुली नहीं उठा सकते। पर स्मृति ईरानी की केवल ‘बारहवीं पास’ पढ़ाई और मानव संसाधन मंत्रालय जैसी जिम्मेदारी उठा पाने की […]

…यह उस क्षण का 'क्लाइमेक्स' था

[dc]को[/dc]ई चार हजार से अधिक विशिष्ट, अति-विशिष्ट और अति-अति-विशिष्ट आमंत्रितों की उपस्थिति में राष्ट्रपति भवन की सीढ़ियों और वहां स्थित ‘जयपुर स्तंभ’ के बीच में पसरे हुए खूबसूरत स्थान पर सोमवार शाम संपन्न् हुए बहुप्रतीक्षित समारोह की केवल दो खूबियां थीं। पहली तो थी: दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के ताकतवर राष्ट्र-प्रमुखों का दुनिया […]

शरीफ का साहस वाजपेयी युग की वापसी है

[dc]तृ[/dc]णमूल कांग्रेस की तेज-तर्रार नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं आ रही हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपनी तमाम घरेलू दिक्कतों के बावजूद नई दिल्ली पहुंचने का फैसला कर लिया है। नवाज शरीफ को उनके साहस के लिए सेल्यूट किया जा सकता है। […]

अब माफी मांगने का वक्त भी गलत चुना

[dc]दि[/dc]ल्ली की जनता के विश्वास के साथ की गई ‘धोखाधड़ी’ के लिए ‘आम आदमी पार्टी’ के नेता अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में प्रवेश करने से पहले देश से माफी मांगी है। लोकसभा चुनाव में ‘आम आदमी पार्टी’ के अपेक्षित या अनपेक्षित सफाये के बाद केजरीवाल को इलहाम हुआ कि दिल्ली में सरकार के गिरने […]