आलोचना के बहाने राहुल गाँधी की तारीफ

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को अपने कहे हुए पर पश्चाताप करने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी को लेकर उन्होंने जो कुछ भी अपने साक्षात्कार में कहा है और उसका मतलब भी अगर वही है, तो देश की जनता को उसके प्रति कोई आपत्ति नहीं है। यानि सलमान खुर्शीद अगर कहते हैं […]

हिंसक भीड़ में बदलता असुरक्षित नागरिक

चार-वर्षीय अबोध बालिका शिवानी के साथ दुराचार के बाद उसकी नृशंस हत्या का दुस्साहस करने वाले आरोपी युवकों और पुलिस के साथ इंदौर के जिला कोर्ट परिसर में गुस्साई भीड़ द्वारा जो सुलूक किया गया उसका खतरनाक और चिंतित करने वाला संकेत यह है कि आए दिन के अपराधों और सुरक्षा तंत्र की नाकामियों से […]

चुनाव राष्ट्रपति का, लड़ाई प्रधानमंत्री पद की

समाचार विश्लेषण आम जनता के विश्वास के साथ खुलेआम धोखाधड़ी का और कोई उदाहरण नहीं हो सकता कि चुनाव राष्ट्रपति पद के लिए योग्य उम्मीदवार का किया जाना है और लड़ाई अब इस बात पर छिड़ गई है कि लोकसभा के लिए दो साल बाद होने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष की […]

खेल का खत्म होना जरूरी है

समाचार विश्लेषण विपक्षी पार्टियों की तरफ से अगर कोई बड़ा आसमान नहीं फटा तो प्रणब मुखर्जी देश के नए राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति भवन में बनने वाले इस ‘क्लाईमैक्स” या ‘एंटी-क्लाईमैक्स” की कल्पना की जा सकती है कि प्रणब मुखर्जी, श्रीमती प्रतिभा पाटील का स्थान लेने वाले हैं। प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री बनना चाहते थे पर उनकी […]

राष्ट्रपति भवन का राजनीतिकरण? विशेष टिप्पणी : श्रवण गर्ग

प्रधानमंत्री का पद जब कमजोर हो जाता है तो राष्ट्रपति भवन ज्यादा वजनदार बन जाता है। राष्ट्रपति भवन में श्रीमती प्रतिभा पाटील की गैर-विवादास्पद और फोटोफ्रेम किस्म की सादगीपूर्ण उपस्थिति के बाद अब उनकी जगह लेने वालों की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक दलों में अगर घमासान की शुरुआत हो गई है तो उसके पीछे के […]