संकट कांग्रेस का है, राष्ट्र का नहीं!

                                                   [dc]रा[/dc]बर्ट वाड्रा पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस के मंत्री और प्रवक्ता (सलमान खुर्शीद, जनार्दन द्विवेदी, रेणुका चौधरी, मनीष तिवारी, जयंती नटराजन, आदि) जिस तरह से लामबंद होकर आक्रामक अंदाज में पेश आ रहे हैं ऐसा आभास जा रहा है कि देश के समक्ष कोई गंभीर (राष्ट्रीय) संकट उत्पन्ना हो […]

दावेदारी दिल्ली की, दांव पर एनडीए

[dc]गु[/dc]जरात के चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं कि उसके परिणाम न सिर्फ एनडीए बल्कि भाजपा को भी तोड़ने की क्षमता रखते हैं। जैसे-जैसे गुजरात में मतदान की तारीखें नजदीक आती जाएंगी, भाजपा ढीली पड़ती जाएगी और नरेंद्र मोदी के तेवर और तीखे होते जाएंगे। [dc]न[/dc]रेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी […]

पेड़ों पर पैसे और हथेलियों पर सरसों

[dc]प्र[/dc]धानमंत्री का कहना बिलकुल ठीक है कि पैसा पेड़ों पर नहीं लगता। डॉ. मनमोहनसिंह चूंकि राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे, गरीब जनता का ध्यान इस हकीकत की ओर आकर्षित करना उनके लिए बेहद जरूरी था कि सरकारों “में”/ “का” सारा काम पैसे से ही चलता है। प्रधानमंत्री को शिकायत हो सकती है कि उनके […]

ममता ने भेड़िये को पेश भी कर दिया

कांग्रेस के नेता छतों पर चढ़कर चिल्ला रहे थे कि ममता बनर्जी अगर अपना समर्थन वापस ले लेती हैं, तब भी मनमोहन सरकार को कोई खतरा नहीं है। ममता ने अपना समर्थन वापस लेकर दिखा दिया। अब बारी कांग्रेस के मैनेजरों की है कि वे सरकार को संकट से कैसे बाहर निकालते हैं। देश के […]

मजबूरी के "लकवे" से मुक्ति!

ममता बनर्जी ने फिर से धमकी दी है। बंगाल की फायर ब्रांड नेत्री ने इस बार केंद्र सरकार को बहत्तर घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वह डीजल की मूल्यवृद्धि के साथ ही मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अपने फैसले वापस ले। उन्होंने यह नहीं बताया है कि अगर ऐसा नहीं किया […]

कोयले की कालिख पर डीजल का छिड़काव

डीजल की कीमतों में पांच रुपए लीटर (स्थानीय करों को छोड़कर) की वृद्धि के फैसले पर केवल दो तरह की प्रतिक्रियाएं ही दी जा सकती हैं। पहली तो यह कि : लड़ाई में हारती हुई सेनाएं जिस तरह से मैदान छोड़ने से पहले पुलों, सड़कों और संचार साधनों को ध्वस्त करने की हरकतों को अंजाम […]

जनतंत्र की प्रयोगशाला में जन-गण

महिला मुक्केबाज मैरीकॉम जब अपनी तमाम व्यक्तिगत मेहनत, अपने परिवार और दो छोटे-छोटे बच्चों की उम्मीदों और उत्तर-पूर्र्व के छोटे-से राज्य मणिपुर की जनता की आशाओं को लंदन ओलिंपिक मुकाबलों में पूरा नहीं कर पाईं, तो उन्होंने अपने आपको जिस तरह से व्यक्त किया, वह देश के करोड़ों-करोड़ लोगों का दिल जीतने के लिए काफी […]

जनता का भंग होना अभी बाकी है

इस अद्भुत संयोग की दाद दी जानी चाहिए कि अण्णा और आडवाणी दोनों के ब्लॉग्स लगभग एकसाथ प्रकट हुए और दोनों का ही संबंध स्वयं के भविष्य के साथ ही देश में विपक्ष की राजनीति से भी है। अण्णा ने अपने ब्लॉग के जरिए ‘टीम अण्णा” को भंग कर दिया है। अब ‘टीम” के नाम […]

अण्णा का नारियल पानी, कांग्रेस की सेहत

टीम अण्णा का अनशन समाप्त हो गया है। अब चुनाव तक के अगले दो-तीन सालों में ‘दूसरी आजादी” के लिए वह काम हो जाएगा जो, अण्णा के शब्दों में कहें तो, पिछले पैंसठ सालों में भी नहीं हुआ है। भीड़ देखकर अण्णा की भावनाएँ बहने लगती हैं। वे भाव विभोर हो जाते हैं और अपने […]

'दरबार' हॉलों में परिवर्तन की बयार

राहुल गाँधी ने घोषणा कर दी है कि माँ सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की सलाह से पार्टी या सरकार में वे अब कोई बड़ी भूमिका अदा करने जा रहे हैं। राहुल गाँधी के साथ जुड़ी जय-जयकारियों की जमात के लिए यही वह ऐतिहासिक क्षण है जिसकी कि वह साँस रोककर प्रतीक्षा कर रही […]