'दंभ' के दायरों से बाहर आए कांग्रेस

[dc]पुराने[/dc] जमाने की हिंदी फिल्मों की स्क्रिप्ट का यह एक अहम दृश्य होता था कि हीरो या हीरोइन की बूढ़ी मां को किसी ‘ट्रेजेडी’ के बाद इतना गहरा सदमा लगता है कि वह जड़ हो जाती है। उसका बोलना-चालना या खाना-पीना बंद हो जाता है। फिल्म की पटकथा में तब एक नकली किस्म का डॉक्टर […]

गांधी की याद आने के मायने

[dc]एक[/dc] ऐसे राष्ट्र के जीवन में, जिसने विकास की उपलब्धियों से साक्षात्कार कर लिया है और जो संपन्‍नता के रास्तों पर दौड़ लगाते हुए विकसित व्यवस्थाओं की जमात में अपने आपको शामिल देखने के लिए बेचैन हो उठा है, आने वाला समय परीक्षा की घड़ी पेश कर सकता है। बहुत मुमकिन है विकास की जद्दोजहद […]

देश और भाजपा हित में अच्छे नतीजे

[dc]उपचुनावों[/dc] के नतीजों पर प्राप्त हो रही प्रतिक्रियाओं का रुख लगभग सही दिशा में ही है। योगी आदित्यनाथ के तेवर ठंडे पड़ गए हैं और उद्धव ठाकरे के चेहरे पर मुस्कराहट है। पर, प्राप्त परिणामों से इस आशय के कयास भी नहीं लगाए जाने चाहिए कि सरकार के सौ दिन पूरे होते ही विपक्ष के […]

सभी पड़ोसी बराबर हैं, नहीं भी हैं!

[dc]पाकिस्तान[/dc] के साथ विदेश सचिव स्तर की बातचीत को रद्द करके मोदी सरकार ने इस्लामाबाद को जो संदेश दिया है, उसके मायने साफ हैं। पहला तो यही है कि कोई तीन महीने पहले नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ के मौके पर नवाज शरीफ की मौजूदगी से दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों […]

परिवर्तनों का श्रेय औरों को देने के खतरे

[dc]अपने[/dc] आसपास जो कुछ भी परिवर्तन होता हुआ हम देख रहे हैं, उसे लेकर हम अभिभूत तो हैं पर साथ ही आशंकित भी। अभिभूत इसलिए कि हम हालातों को लेकर बहुत ही चिंतित और परेशान थे। हमें लगने लगा था कि सबकुछ यंत्रवत हो गया है, चेहरे भी और अवधारणाएं भी। कुछ भी बदलने का […]

अब नटवर की 'अंतरात्मा ' की आवाज

[dc]कुंअर[/dc] नटवर सिंह की बहुचर्चित, बहुप्रतीक्षित और बहुत विवादित बनने वाली अंग्रेजी किताब ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ : एन ऑटोबायोग्राफी’ को हिंदी में समझने के लिए ‘ऐसी कांग्रेस फिर ना मिलेगी दोबारा : कहानी गांधी परिवार की’ कहा जा सकता है। वह इसलिए कि नटवर सिंह ने अपनी उम्र के तिरासी वर्ष पूरे कर […]

'कांग्रेसमुक्त भारत' या 'भारतमुक्त कांग्रेस'

[dc]वर्ष[/dc] 1984 के चुनावों में भाजपा को मात्र दो सीटें मिली थीं, पर इसके बावजूद पार्टी में कोई विद्रोह नहीं हुआ। पार्टी नेतृत्व को हार के लिए सार्वजनिक रूप से नहीं कोसा गया। न ही लोगों ने पार्टी छोड़कर कोई तूफान मचाया। कांग्रेस को 2014 के चुनावों में 44 सीटें प्राप्त हुई हैं पर पार्टी […]

वैदिक प्रकरण : सरकार दिखाए साहस

[dc]डॉ.[/dc] वेदप्रताप वैदिक को ‘देशद्रोही’ करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी करने की मांग सरकार से की जा रही है। जनता को ‘शिक्षित’ किया जा रहा है कि डॉ. वैदिक ने लाहौर में भारत देश के खिलाफ वैसा ही अपराध किया है, जैसा कि अजमल कसाब ने मुंबई में किया था। सवाल किए जा रहे हैं […]

अर्जेंटीनी 'स्वप्न' और जर्मन 'यथार्थ!'

[dc]अ[/dc]पनी उपलब्धियों को हर्ष के अतिरेक और विफलताओं को आंसुओं के समंदर में तब्दील कर देने के मामले में भारत और ब्राजील-अर्जेंटीना की आत्माओं के बीच अद्भुत समानताओं का बखान किया जा सकता है। जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच विश्व कप फुटबॉल का फाइनल मुकाबला शुरू होने के पहले विदेशी विशेषज्ञों की टिप्पणियों के बीच […]