इस चुनौती से निपटकर दिखाएं शिवराज

दिल्ली दुनिया की “रेप कैपिटल” के तौर पर बदनामी बटोर रही है और देश की “बलात्कार राजधानी” के रूप में मध्यप्रदेश उससे प्रतिस्पर्धा करना चाह रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंहके नेतृत्व में सरकार के नुमाइंदे दुनियाभर के मुल्कों के फेरे लगा रहे हैं यह जताने के लिए कि विदेशी पूंजी निवेश के लिए मध्यप्रदेश कितना सुरक्षित है। दूसरी ओर, जब विदेशीनागरिक पर्यटन के क्षेत्र में व्यक्तिगत निवेश की संभावनाएं तलाशने का साहस करते हैं तो हाथ-पैर बांधकर उनकी लाठियों से पिटाई की जाती है और महिलाओं के साथ बलात्कारहोता है। स्विट्जरलैंड की महिला के साथ शुक्रवार की रात दतिया के जंगल में गैंगरेप की घटना और उसके पहले जनवरी में बांधवगढ़ में कोरियाई महिला पर्यटक के साथ बलात्कार,मध्यप्रदेश सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा करने के लिए पर्याप्त है।

लात्कार और महिलाओं के सम्मान को आए दिन ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं के सरकारी स्तर पर उजागर होने वाले और नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो में दर्ज आंकड़े अगर कोई प्रमाणहैं तो अफसोस के साथ कहा जा सकता है कि मध्यप्रदेश में नागरिक सुरक्षा को लेकर हालात चिंताजनक हैं। विदेशी सरकारें तो अपने नागरिकों को मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों कीयात्रा करने से बचने की सलाह दे सकती हैं पर जो लोग प्रदेश के ही नागरिक हैं उन्हें अपनी हिफाजत और सम्मान की रक्षा के लिए कहां जाकर शरण लेना चाहिए? विदेशी नागरिक ऐतिहासिक महत्व के स्थानों और पर्यटन स्थलों की यात्रा इन हकीकतों के बावजूद करते हैं कि सुविधाओं, साधनों और सुरक्षा के नाम पर अभावों और अव्यवस्थाओं का साम्राज्यकायम है।

दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद उम्मीद की जाती थी कि सभी राज्य सरकारें उससे कोई सबक लेकर अपराधियों में पुलिस और कानून व्यवस्था का भय पैदा करने में सफल होंगी। परदेश भर में वैसा नहीं हुआ। अपने-अपने प्रशासनों को चुनावों की तैयारियों में झोंककर नेता प्रधानमंत्री बनने-बनाने की दौड़ में जुट गए और जनता को गुंडों के हवाले कर दिया। परिणामसामने आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व शिवराज सिंह को एक ऐसा आदर्श और योग्य मुख्यमंत्री निरूपित करता है, जिसमें कि देश का नेतृत्व करने की संभावनाएं हैं।पर यह तभी साबित हो सकेगा जब अपराधियों के बीच उनकी प्रशासकीय क्षमता का भय व्याप्त हो और न सिर्फ बांधवगढ़ तथा दतिया जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो, प्रदेश कीआम महिलाएं और नागरिक भी अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें।